एक जहाँ मेरा भी

October 13, 2016 sangeeta 0

जहाँ रचे जाते हैं इतिहास शूरवीरों के जहाँ लिखे जाते हैं साहित्य दानवीरों के जहाँ होते हैं गुलज़ार चमन हौसलों के जहाँ लगते हैं मेले […]

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नेत्रहीनों की दुनिया

October 5, 2016 sangeeta 22

“आँखें हैं तो जहाँ है..” इस दुनिया को देख पाना इन आँखों से ही सम्भव है यह दुनिया कितनी ख़ूबसूरत है.. अच्छी है या बुरी […]