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मेरे आँसू

February 27, 2017 sangeeta 0

मेरे आँसू मेरे रहनुमा बन गये हैं मेरे दर्द की आज ये दवा बन गये हैं सही गलत का फर्क समझाया इन्होंने किस राह पे […]

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पतझड़

February 17, 2017 sangeeta 0

पतझड़ का मौसम है आया पुराने पत्ते सूखकर गिरने लगे नये पत्ते, नई कोपलें आने लगीं क्या देते हैं ये सन्देश हमें जरुरत है – […]

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खुदा के बंदे

February 7, 2017 sangeeta 0

खुदा के बंदे हैं हम नहीं किसी से हैं कम हैं मामूली इंसान मगर गुणों की खान हैं हम हैं अच्छाईयों के साथ कुछ बुराईयाँ […]