प्रेम मन्दिर(वृन्दावन)

प्रेम मन्दिर(वृन्दावन)

यूँ तो भारत में कई विश्व प्रसिध्द मंदिर है जिनकी गणना मुश्किल है।भारत वर्ष में रहने वाले हर भारतवासी, मुख्य रुप से हर हिन्दू की आस्था इन मन्दिरों में और समस्त देवी -देवताओंमें बनी हुई है। कई विदेशी पर्यटक भी इन विश्व प्रसिध्द मंदिरों में भ्रमण करते मिल जाते हैं।

यहाँ मैं बात कर रही हूँ वृन्दावन के सबसे प्रसिध्द मन्दिर प्रेम- मन्दिर की। यह राधा-कृष्ण मन्दिर अपनी भव्यता और सुन्दरता के लिये जाना जाता है। मन्दिर में प्रवेश करते ही इसकी सुन्दरता मन मोह लेती है। मन्दिर इतना विस्तृत है कि यहाँ भीड़ का आभास ही नहीं होता। वृन्दावन के इस मन्दिर के बाह्य प्रागण में श्री-कृष्ण भगवान के लीलाओं को दर्शाया गया है। किसी जगह पर वे गोवर्धन-पर्वत को अपनी एक उँगली पर उठाते दिखते हैं तो कहीं पर कालिय नाग के ऊपर खड़े दिखाई देते हैं और कहीं कहीं पर गोपियों के संग रास रचाते दिखते हैं।इतनी उत्कृष्ट कलाकृतियाँ यहाँ देखने को मिलती हैं कि मन झूम उठता है।
मन्दिर में अन्दर प्रवेश करते ही एक विशाल पूजा-कक्ष(हाल) जिसमें सामने की ओर राधा- कृष्ण कीभव्य मूर्तियाँ हैं। हॉल के चारों ओर अदभुत नक्काशी देखने को मिलती है। हॉल में ऊपर की ओर बडे़ -बड़े झूमर मन्दिर की शान बढा़ते हैं।
शाम को मंगला-आरती के समय सारा वातावरण कृष्ण -राधामय हो जाता है। सभी भक्त भक्ति रस से ओतप्रोत हो जाते हैं और अपने प्रभु के प्रेम में खो जाते हैं।

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