हिंदी हैं हम, वतन है हिंदोस्ताँ हमारा

हिंदुस्तान में रहने वाला हर नागरिक हिंदी है फिर चाहे वो हिंदू हो, मुस्लिम, ईसाई, पंजाबी, सिंधी, गुजराती या फिर मद्रासी। चाहे किसी भी धर्म-सम्प्रदाय से हो। सीमा पर पहरा देते हुये और देश के लिये अपने प्राण त्यागने वाले सेना के जवान अपने देश के प्रति समर्पित होते हैं न कि किसी धर्म-सम्प्रदाय के प्रति। देश में रहने वाले सभी जन अपना परिवार होते हैं। फिर क्यों जरा-जरा सी बात पर अपने ही देशवासियों का खून बहा दिया जाता है, क्यों जरा-जरा सी बात पर देश की करोड़ों की सम्पत्ति बर्बाद कर दी जाती है। जबकि हमारे देश में किसी भी तरह का विवाद होने पर बातचीत कर सुलझानेे का प्रावधान है।

हमारे देश का इतिहास हमेशा से ही बहुत गौरवशील रहा है। समय-समय पर वीर पुरुषों और महिलाओं ने अपनी वीरता से दुश्मनों के दाँत खट्टे किये हैं। हमारे देश के इतिहास को कोई भी खंडित नहीं कर सकता। हमें नाज हैै उन वीर-वीरांगनाओं पर जिंहोंंने अपनेे देश का सम्मान अपनी जान देेकर भी अक्षुण्ण रखा। अपने देश के गौरवमय इतिहास को दुनियाँ के सामने लाना एक अच्छी बात है। कोशिश यही होनी चाहिये कि इतिहास के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो। वीरों की वीरता का पूर्ण सम्मान हो।

हम देशवासियों को कुछ भी करने से पहले हमेशा यह याद रखना होगा—
हिंदी हैं हम, वतन है हिंदोस्ताँ हमारा

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